मुकदमा समझौता कैलकुलेटर: आपका सही मुआवजा जानें
अपने कानूनी विवाद का सही सेटलमेंट अनुमान लगाएं
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413 words
19/3/2026
दिल्ली में राहुल ने ₹80 लाख का घर खरीदा, लेकिन बिल्डर ने पॉजेशन 3 साल देरी से दी। अब वह कंफ्यूज़ है कि कितना मुआवजा मांगे। ऐसे ही मुंबई की प्रिया की कार एक्सीडेंट में टूट गई, वह ₹12 लाख सालाना वेतन का नुकसान उठा रही हैं। भारत में हजारों लोग हर साल कानूनी विवादों में फंसते हैं, लेकिन सही मुआवजे का अनुमान नहीं लगा पाते। हमारा लॉसूट सेटलमेंट कैलकुलेटर आपको मेडिकल खर्चे, खोई हुई आय, मानसिक पीड़ा और अन्य नुकसानों के आधार पर सही समझौता राशि बताता है।
How to Use
सबसे पहले अपने कुल नुकसान (मेडिकल बिल, संपत्ति क्षति) दर्ज करें। फिर खोई हुई आय और मानसिक पीड़ा का अनुमान डालें। कैलकुलेटर आपकी जिम्मेदारी प्रतिशत (अगर कोई है) घटाकर अंतिम सेटलमेंट राशि दिखाएगा।
Pro Tips
सबूत इकट्ठा करें - मेडिकल बिल, पुलिस FIR, गवाहों के बयान। ये आपके केस को मजबूत करते हैं। दूसरा, बीमा कवरेज चेक करें - मोटर इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस से क्या मिल सकता है। तीसरा, कानूनी नोटिस भेजने से पहले सेटलमेंट की कोशिश करें - यह समय और पैसा दोनों बचाता है। चौथा, अगर आप रिटायर्ड हैं और PPF या NPS से आय ले रहे हैं, तो यह भी खोई आय में शामिल करें।
Common Mistakes to Avoid
भारत में लोग अक्सर मुकदमे की फीस और कोर्ट खर्चे को नजरअंदाज कर देते हैं। ₹5 लाख के मुकदमे में ₹50,000 से ₹1 लाख तक की लीगल फीस लग सकती है। दूसरी गलती - लोग टैक्स इंपैक्ट नहीं समझते। बड़े सेटलमेंट पर टैक्स लग सकता है। तीसरी गलती - भविष्य के खर्चे को कैलकुलेट नहीं करते। जैसे सड़क दुर्घटना में चोट का भविष्य में इलाज भी हो सकता है।
Frequently Asked Questions
मोटर एक्सीडेंट में कितना मुआवजा मिल सकता है?
यह चोट की गंभीरता पर निर्भर करता है। मामूली चोट के लिए ₹50,000 से ₹2 लाख, गंभीर चोट के लिए ₹5 लाख से ₹20 लाख, और विकलांगता के मामले में ₹20 लाख से ₹1 करोड़ तक मिल सकता है।
प्रॉपर्टी डिस्प्यूट में सेटलमेंट कैसे कैलकुलेट करें?
अगर आपने ₹80 लाख का घर खरीदा है और 20% डाउन पेमेंट दिया है, तो बिल्डर द्वारा देरी होने पर आप हर साल की देरी पर 10-18% ब्याज दर से मुआवजा मांग सकते हैं। RERA के तहत यह कानूनी अधिकार है।
क्या सेटलमेंट पर टैक्स लगता है?
हां, भारत में मुआवजे पर टैक्स लग सकता है। मेडिकल मुआवजा टैक्स-फ्री है, लेकिन खोई आय का मुआवजा टैक्सेबल है। पेनल्टी या इंटरेस्ट पर भी टैक्स लगता है। CA से सलाह जरूर लें।
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