प्रोबेट कैलकुलेटर: वसीयत की फीस आसानी से गणना करें

जानें कि आपकी संपत्ति पर कितना प्रोबेट शुल्क लगेगा

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435 words
19/3/2026
मुंबई में रहने वाले श्री शर्मा ने ₹80 लाख का घर और ₹25 लाख का FD निवेश छोड़ा है। उनकी मृत्यु के बाद परिवार को प्रोबेट की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। महाराष्ट्र में प्रोबेट शुल्क लगभग 4% है, जिसका मतलब ₹4.20 लाख की फीस! यह रकम कई परिवारों के लिए चौंकाने वाली होती है। हमारा प्रोबेट कैलकुलेटर आपको पहले से अनुमान लगाने में मदद करता है ताकि आप अपने परिवार को आर्थिक झटके से बचा सकें। यह उपयोगी उपकरण वसीयत की योजना बनाने में अमूल्य है।

How to Use

पहले अपनी कुल संपत्ति का मूल्य डालें - जैसे ₹80 लाख का घर, ₹15 लाख का PPF, ₹10 लाख का NPS। फिर अपने राज्य का प्रोबेट दर चुनें। कैलकुलेटर तुरंत अनुमानित शुल्क दिखाएगा। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में प्रोबेट अनिवार्य है।

Pro Tips

पहला टिप - संपत्ति का सही मूल्यांकन करें। आज के बाजार भाव पर ₹80 लाख का घर, PPF खाता, NPS निवेश, FD सब जोड़ें। दूसरा - जीवन में ही वसीयत रजिस्टर करवाएं, मृत्यु के बाद प्रोबेट में 6 महीने से 2 साल लग सकते हैं। तीसरा - होल्डिंग को संयुक्त बनाएं, इससे प्रोबेट की जरूरत कम हो सकती है। चौथा - एक अनुभवी वकील से परामर्श लें जो भारतीय उत्तराधिकार कानूनों से परिचित हो।

Common Mistakes to Avoid

भारत में कई लोग यह मान बैठते हैं कि वसीयत मात्र से प्रोबेट की जरूरत नहीं होती, लेकिन मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में यह अनिवार्य है। दूसरी गलती - लोग केवल सालाना ₹12 लाख वेतन पर ही नहीं, बल्कि संपूर्ण संपत्ति के मूल्य पर शुल्क लगता है। ₹80 लाख का घर, ₹20 लाख का डाउन पेमेंट, ₹30 लाख का बैंक बैलेंस - सब मिलाकर गणना करें। तीसरी गलती - प्रोबेट शुल्क की गलत गणना करना। कुछ राज्यों में अधिकतम सीमा है, जैसे महाराष्ट्र में ₹75,000 तक।

Frequently Asked Questions

प्रोबेट क्या है और भारत में यह कहाँ जरूरी है?

प्रोबेट एक अदालती प्रमाणपत्र है जो वसीयत की वैधता स्थापित करता है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में यह अनिवार्य है। उदाहरण: ₹1 करोड़ की संपत्ति पर महाराष्ट्र में लगभग ₹75,000 (अधिकतम) शुल्क लग सकता है।

क्या होगा अगर प्रोबेट नहीं करवाया?

बैंक ₹10 लाख से अधिक के FD या बैलेंस को रोक देंगे। संपत्ति की बिक्री नहीं हो पाएगी। परिवार में विवाद हो सकते हैं। 20 साल के होम लोन की EMI भी अटक सकती है।

प्रोबेट शुल्क का भुगतान कौन करता है?

आमतौर पर वसीयत का निष्पादक (executor) या उत्तराधिकारी शुल्क का भुगतान करते हैं। यह राशि संपत्ति की विरासत से काटी जाती है। उदाहरण: ₹50 लाख की संपत्ति पर ₹2 लाख शुल्क वसीयतकर्ता की संपत्ति से चुकाया जाएगा।

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