कोर्ट फी कैलकुलेटर: मुकदमे का पहला खर्च जानें

अदालत जाने से पहले जानिए आपकी जेब पर कितना बोझ पड़ेगा

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446 words
19/3/2026
राहुल ने अपने बिल्डर से ₹25 लाख का रिफंड मांगा, लेकिन जब कोर्ट गया तो पता चला कि सिर्फ कोर्ट फी में ₹30,000 लग जाएंगे! भारत में कोई भी कानूनी लड़ाई शुरू करने से पहले आपको कोर्ट फी (अदालत शुल्क) जमा करानी पड़ती है। यह राशि आपके दावे की वैल्यू पर निर्भर करती है। हमारा कोर्ट फी कैलकुलेटर आपको सटीक अनुमान देता है, ताकि आप बिना झटके के अपनी लीगल बैटल की तैयारी कर सकें।

How to Use

सबसे पहले अपने दावे की राशि डालें (जैसे ₹10 लाख)। फिर केस का प्रकार चुनें - सिविल, क्रिमिनल, या रिवेन्यू। अंत में अपना राज्य सेलेक्ट करें क्योंकि दरें राज्यवार अलग हैं। कैलकुलेटर तुरंत बता देगा कि आपको कितनी फी चुकानी होगी।

Pro Tips

1. बजट में वकील फी भी जोड़ें: अगर आपका ₹15 लाख का डिस्प्यूट है, तो कोर्ट फी के साथ वकील की ₹50,000 से ₹2 लाख तक की फी भी रखें। 2. लोक अदालत का इस्तेमाल करें: कई मामलों में मेडिएशन से कोर्ट फी और समय दोनों बचते हैं। 3. ई-फाइलिंग करें: अब कोर्ट फी ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं। इससे बैंक जाने का समय बचता है और रसीद तुरंत मिलती है। 4. स्टाम्प पेपर खरीदने से पहले कैलकुलेट करें: गलत राशि का स्टाम्प खरीदने पर नुकसान होता है।

Common Mistakes to Avoid

पहली गलती: लोग सोचते हैं सभी राज्यों में एक जैसी फी है। बिल्कुल गलत! महाराष्ट्र, दिल्ली और UP के कानून अलग हैं। ₹50 लाख के केस में यह अंतर हजारों रुपये का हो सकता है। दूसरी गलती: प्रॉपर्टी केस में लोग रेडी रेकनर वैल्यू को नजरअंदाज करते हैं। अगर आप ₹80 लाख का घर ले रहे हैं लेकिन सर्कल रेट ₹1 करोड़ है, तो फी ज्यादा लगेगी। तीसरी गलती: ₹20 लाख सालाना कमाने वाले सोचते हैं कि केस हारने पर फी वापस मिल जाएगी। नहीं मिलती! यह नॉन-रिफंडेबल है।

Frequently Asked Questions

₹10 लाख के सिविल केस में कितनी कोर्ट फी लगती है?

दिल्ली में लगभग ₹15,000-20,000, जबकि महाराष्ट्र में ₹12,500 के आसपास। यह दावे की राशि का लगभग 1-2% होता है। सटीक राशि के लिए हमारा कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।

क्या केस जीतने पर कोर्ट फी वापस मिलती है?

आपकी जमा की गई फी वापस नहीं मिलती। लेकिन अगर आप जीतते हैं, तो कोर्ट विपक्षी को आपकी फी दिलवाने का आदेश दे सकता है। यह आपके ₹5 लाख या ₹50 लाख के दावे पर निर्भर करता है।

प्रॉपर्टी डिस्प्यूट में किस वैल्यू पर फी लगती है?

असली खरीद मूल्य पर नहीं, बल्कि सर्कल रेट या मार्केट वैल्यू (जो ज्यादा हो) पर फी लगती है। अगर आपने ₹60 लाख में फ्लैट खरीदा है लेकिन सर्कल रेट ₹75 लाख है, तो ₹75 लाख पर फी देनी होगी।

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