एस्टेट टैक्स कैलकुलेटर: विरासत की संपत्ति का स्मार्ट प्लान

जानें आपकी संपत्ति पर कितना टैक्स लगेगा और कैसे करें प्लानिंग

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547 words
19/3/2026
मुंबई में रहने वाले राजेश जी ने जीवन में बहुत मेहनत की। आज उनके पास ₹80 लाख का घर, ₹25 लाख का PPF बैलेंस, और NPS में ₹15 लाख जमा है। सालाना ₹12 लाख की सैलरी से उन्होंने यह सब बनाया। लेकिन जब बात आती है कि मृत्यु के बाद यह संपत्ति बच्चों को कैसे मिलेगी, तो कई सवाल खड़े हो जाते हैं। भारत में कोई विरासत कर नहीं है, लेकिन संपत्ति के हस्तांतरण पर कैपिटल गेन्स टैक्स, स्टाम्प ड्यूटी और दूसरे खर्चे जरूर आते हैं। हमारा एस्टेट टैक्स कैलकुलेटर आपको अनुमान लगाने में मदद करता है कि आपकी संपत्ति के हस्तांतरण में कितना खर्च आ सकता है।

How to Use

पहले अपनी कुल संपत्ति दर्ज करें - घर, जमीन, FD, PPF, सोना, शेयर्स सब मिलाकर। फिर कर्ज और देनदारियां डालें। अंत में लाभार्थी का रिश्ता चुनें। कैलकुलेटर आपको बताएगा कि हस्तांतरण में कितना खर्च आ सकता है और कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए।

Pro Tips

एस्टेट प्लानिंग के लिए कुछ जरूरी टिप्स: पहला - एक स्पष्ट विल जरूर बनाएं और उसे रजिस्टर करवाएं। यह कानूनी जटिलताएं कम करता है। दूसरा - सभी वित्तीय खातों (FD, PPF, NPS, म्युचुअल फंड) में नॉमिनी अपडेट रखें। NPS में तो 60% तक की रकम नॉमिनी को मिल सकती है। तीसरा - संपत्ति का विवरण एक जगह लिखकर रखें - बैंक डिटेल्स, प्रॉपर्टी पेपर्स, इंश्योरेंस पॉलिसी। चौथा - अगर संपत्ति ₹50 लाख से ज्यादा है, तो एक ट्रस्ट बनाने पर विचार करें। इससे टैक्स ऑप्टिमाइजेशन और सुरक्षा दोनों मिलती है। हर 3-4 साल में अपनी एस्टेट प्लान की समीक्षा करें।

Common Mistakes to Avoid

भारत में लोग एस्टेट प्लानिंग में कई गलतियां करते हैं। पहली - विल नहीं बनाना। बिना विल के संपत्ति का बंटवारा हिंदू उत्तराधिकार एक्ट के अनुसार होता है, जो आपकी इच्छा के खिलाफ हो सकता है। दूसरी गलती - नॉमिनी नहीं बदलना। अगर आपने FD या PPF में 10 साल पहले माता-पिता को नॉमिनी बनाया था और अब विवाह हो गया, तो नॉमिनी अपडेट करना जरूरी है। तीसरी गलती - संपत्ति का मूल्यांकन नहीं करना। ₹80 लाख का घर जो 20 साल पहले ₹15 लाख में खरीदा था, आज उसकी वैल्यू अलग है। सही वैल्यूएशन के बिना टैक्स कैलकुलेशन गलत होगा।

Frequently Asked Questions

क्या भारत में इनहेरिटेंस टैक्स है?

नहीं, भारत में 1985 से इनहेरिटेंस टैक्स खत्म हो गया है। लेकिन जब आप विरासत में मिली संपत्ति बेचते हैं, तो कैपिटल गेन्स टैक्स लगता है। उदाहरण के लिए, अगर आपको ₹20 लाख में विरासत में घर मिला और आप उसे ₹80 लाख में बेचते हैं, तो ₹60 लाख पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगेगा।

विल बनवाने में कितना खर्च आता है?

एक साधारण विल बनवाने में ₹2,000 से ₹10,000 तक का खर्च आ सकता है। अगर संपत्ति जटिल है या ₹1 करोड़ से ज्यादा है, तो वकील की फीस ₹25,000-50,000 तक जा सकती है। विल को रजिस्टर करवाने में अतिरिक्त ₹1,000-5,000 लगते हैं।

NPS और PPF में नॉमिनी क्यों जरूरी है?

NPS में अगर नॉमिनी नहीं है, तो परिवार को संपत्ति का दावा करने में काफी परेशानी होती है। PPF में नॉमिनी का नाम होने से मृत्यु के बाद जल्दी पैसा मिलता है। उदाहरण: अगर PPF में ₹25 लाख है और नॉमिनी है, तो 15-20 दिन में पैसा मिलेगा। बिना नॉमिनी के यह प्रक्रिया महीनों लग सकती है।

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