शादी का बजट: 15 लाख खर्च, सोने का 8 लाख, और मैं EMI में धंस गया

मेरी बहन की शादी। पिताजी ने बजट 5 लाख बनाया। खर्च 23 लाख हुआ। अब परिवार 3 साल तक कर्ज़ चुकाएगा। ये हर भारतीय परिवार की कहानी है।

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1/4/2026
दिसंबर 2024। मेरी छोटी बहन प्रिया की शादी तय हुई। पिताजी खुश थे। माँ रो रही थी — खुशी से भी, चिंता से भी। पिताजी ने कहा — "बजट 5 लाख है। ज़्यादा नहीं खर्च होगा।" 5 लाख। ये 2024 में। एक शादी में। जहाँ बारात आती है, बैंड बाजा होता है, डीजे नाइट होती है, 500 लोग खाने आते हैं। 5 लाख। मैंने कुछ नहीं कहा। पिताजी गणित में कमज़ोर हैं। मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ। मध्यम वर्ग परिवार। पिताजी सरकारी क्लर्क — रिटायर हो चुके। पेंशन 28,000 महीना। माँ गृहिणी। मैं नौकरी करता हूँ — सैलरी 45,000। बहन पढ़ाई कर रही थी। साला भी मध्यम वर्ग। शादी से 3 महीने पहले मैंने बजट बनाने की कोशिश की। बजट कैलकुलेटर खोला। एक-एक चीज़ लिखी। पहली बार बारात देखी नहीं, बारात की लागत देखी। मैं सारे नंबर यहाँ लिख रहा हूँ। ताकि जिसकी भी बहन/बेटी की शादी हो, वो तैयार रहे। कुल खर्च: 23,40,000 रुपये। दो करोड़ तेईस लाख चालीस हज़ार। बजट था 5 लाख का। हुआ 23.4 लाख का। लगभग 5 गुना। और ये "साधारण" शादी थी। कोई 5 स्टार होटल नहीं। कोई डेस्टिनेशन वेडिंग नहीं। लखनऊ का एक मैरिज हॉल। साधारण। अब मेरे परिवार की स्थिति: पिताजी की बचत — 6 लाख (FD)। मेरी बचत — 3 लाख। रिश्तेदारों से उधार — 4 लाख। पर्सनल लोन — 10 लाख। कुल: 23.4 लाख। पर्सनल लोन: 10 लाख। 13.5% ब्याज। 5 साल का। EMI: 23,000/महीना। मेरी सैलरी 45,000। इसमें से 23,000 EMI। बचत: 22,000। इसमें अपना खर्च, किराया (8,000 Pune में), खाना, ट्रैवल। महीने के अंत में 2,000-3,000 बचते हैं। कभी-कभी नहीं बचते। 3 साल ऐसे चलेंगे। या 5 सारे, अगर प्री-पेमेंट न कर पाए। ये एक शादी का बोझ है। जो मैं 5 साल तक उठाऊँगा।

उपयोग विधि

शादी के खर्चे का पूरा ब्रेकअप: 1. जेवर (सोना): 8,40,000 प्रिया के लिए: नेकलेस (45 ग्राम) — 3,15,000। बंगले (30 ग्राम) — 2,10,000। कर्णफूल (15 ग्राम) — 1,05,000। मंगलसूत्र (8 ग्राम) — 56,000। छोटी चीज़ें — 54,000। साले के लिए: चेन (10 ग्राम) — 70,000। रिंग (6 ग्राम) — 42,000। कुल सोना: 114 ग्राम। 2024 में सोने का भाव 7,400/ग्राम (22 कैरेट)। मेकिंग चार्ज़ अलग। ये जेवर अकेले 8.4 लाख का है। और ये "साधारण" जेवर है। बड़े परिवारों में 20-30 लाख सिर्फ सोने में जाता है। 2. कपड़े (दोनों पक्ष): 2,60,000 लहंगा (दुल्हन): 45,000 (सिर्फ एक, सस्ता)। दूसरे कपड़े (दुल्हन): 35,000। शेरवानी (दूल्हा): 25,000। दूसरे कपड़े (दूल्हा): 20,000। परिवार के कपड़े (10 लोग): 1,35,000। 3. बैंकेट/कैटरिंग: 3,80,000 2 फंक्शन — सगाई + शादी। कुल 350 लोग (कम लगा, पर 200 और बिन बुलाए आ गए)। प्रति प्लेट 450 (डिनर) + 250 (लंच)। औसत 350 × 400 = 1,40,000 प्रति फंक्शन × 2 = 2,80,000। मिठाई अलग: 50,000। चाय-नाश्ता: 50,000। 4. वेन्यू (मैरिज हॉल): 1,80,000 2 दिन। डेकोरेशन: 60,000। लाइटिंग: 25,000। स्टेज: 30,000। फ्लावर: 35,000। एंट्री गेट: 30,000। 5. बारात + बैंड + डीजे: 1,50,000 बस (2 बसें): 60,000। बैंड बाजा: 35,000। डीजे नाइट: 30,000। घोड़ी: 15,000। आतिशबाज़ी: 10,000। 6. फोटोग्राफी + वीडियो: 1,20,000 वेडिंग शूट: 60,000 (2 दिन)। वीडियोग्राफी: 40,000। एल्बम: 20,000। 7. दहेज़ (नहीं, लेकिन "उपहार"): 2,50,000 सरकार कहती है दहेज़ गैरकानूनी है। वास्तविकता: कुछ तो देना पड़ता है। वहीं तक कि अगर पक्ष नहीं माँगता, समाज देखता है। सोफा सेट: 80,000। बिस्तर: 40,000। बर्तन: 30,000। इलेक्ट्रॉनिक्स: 1,00,000। 8. विविध: 1,60,000 शगुन (रिश्तेदारों को): 50,000। ट्रांसपोर्ट: 30,000। शामियाना + अतिरिक्त: 40,000। नो-वन-नोज़ एक्सपेंस: 40,000 (हमेशा आते हैं)। कुल: 23,40,000 बजट कैलकुलेटर में सब डाला। स्क्रीन पर नंबर आया — 23.4 लाख। मैं 5 मिनट तक चुप रहा। फिर पिताजी को दिखाया। पिताजी ने कहा — "इतना कैसे हो गया?" गणित का जवाब गणित देता है, भावनाएँ नहीं।

प्रो टिप्स

ये तरीके हैं शादी के खर्चे को कम करने के। मैंने नहीं किए। तुम कर सकते हो: पहला — बजट पहले बनाओ, शादी बाद में तय करो। हमने उल्टा किया। तारीख पक्की की, फिर बजट बनाने बैठे। तब तक कई चीज़ें बुक हो चुकी थीं। पहले बजट कैलकुलेटर खोलो। हर चीज़ का अनुमान लगाओ। 10% एक्स्ट्रा रखो "नो-वन-नोज़" के लिए। फिर तारीख तय करो। दूसरा — सोने को "इन्वेस्टमेंट" मत समझो। सोना 8.4 लाख का खरीदा। लेकिन जेवर में मेकिंग चार्ज़ 15-25% होता है। वापस बेचोगे तो मेकिंग चार्ज़ वापस नहीं मिलता। 8.4 लाख का जेवर बेचने पर 6.5-7 लाख मिलेंगे। 1.5 लाख का नुकसान। सोने से ज़्यादा गोल्ड बॉन्ड या गोल्ड ETF में डालो। शादी में ज़रूरी सोना कम से कम रखो। तीसरा — कैटरिंग पर सबसे ज़्यादा बचत हो सकती है। 350 लोगों का खाना — क्या ज़रूरत है? मैंने 150 लोग बुलाए थे। 200 बिन बुलाए आ गए। भारतीय शादियों में ये आम है। समाधान — कार्ड छोटे बाँटो। 150 बनाओ, 200 नहीं। और कैटरिंग थोड़ी कम बुक करो — 300 प्लेट, 400 नहीं। बचत: 40,000-60,000। चौथा — एक फंक्शन करो, तीन नहीं। सगाई। मेहंदी। संगीत। शादी। रिसेप्शन। पाँच फंक्शन। हर फंक्शन का अपना खर्च। हमने 3 किए — सगाई, संगीत + मेहंदी (एक साथ), शादी। भी 3 लाख से ज़्यादा सिर्फ वेन्यू और कैटरिंग में। अगर सिर्फ शादी करते — सगाई और शादी एक दिन — 2 लाख बचते। पाँचवाँ — कर्ज़ मत लो। ये सबसे ज़रूरी टिप है। 10 लाख का पर्सनल लोन। 13.5% ब्याज। 5 सारे का EMI 23,000। कुल भुगतान 13,80,000। ब्याज — 3,80,000। एक शादी के लिए 3.8 लाख ब्याज दे रहा हूँ। ये पैसा SIP में डालता तो 5 सारे में 23 लाख बनते। अब वो SIP नहीं, EMI बन गया है। शादी एक दिन की है। कर्ज़ 5 साल का। सोचो।

सामान्य गलतियाँ

सबसे बड़ी गलती — "सामाजिक इज़्ज़त" के लिए खर्च करना। मैं जानता हूँ — लखनऊ में शादी कम खर्च करो तो लोग बोलते हैं "क्या मिज़ाज है।" पड़ोसी ने बेटी की शादी में 30 लाख खर्च किया तो तुम्हें भी 30 लाख खर्च करने पड़ेंगे। ये रेस कभी खत्म नहीं होती। कोई 50 लाख खर्च करेगा, कोई 1 करोड़। तुम कहाँ तक चलोगे? अपनी जेब देखो, पड़ोसी की शादी नहीं। दूसरी गलती — सोने की खरीदारी शादी से ठीक पहले करना। सोने का भाव अक्सर शादी के सीज़न (अक्टूबर-फरवरी) में बढ़ जाता है। माँग ज़्यादा, भाव ज़्यादा। सोना साल भर पहले खरीदो। जब भाव कम हो। गोल्ड बॉन्ड में पैसा रखो, शादी से पहले तब्दील करो। 6 महीने पहले सोना 6,800/ग्राम था। शादी पर 7,400 हो गया। 8% ज़्यादा। 8.4 लाख पर 67,000 ज़्यादा दिए। तीसरी गलती — "बचत हो जाएगी" सोचकर बड़े फैसले लेना। पिताजी ने सोचा 5 लाख में हो जाएगी। हुई 23.4 लाख। 18.4 लाख का GAP। ये GAP परिवार की बचत खा गया। FD तोड़े। रिश्तेदारों से उधार। पर्सनल लोन। पूरे परिवार की वित्तीय सुरक्षा एक शादी में चली गई। चौथी गलती — वेडिंग प्लानर को इग्नोर करना। हमने नहीं लिया, सोचा "पैसे बर्बाद हैं।" लेकिन प्लानर को पता होता है कहाँ से बचत होती है, कहाँ कीमत सही है, कहाँ बेवकूफ़ बनाया जा रहा है। शादी के बाद पता चला — जिस कैटरर से खाना बनवाया, उसने 50,000 ज़्यादा बिल बनाया। 400 प्लेट बनाई, 300 का बिल दिया। प्लानर ये पकड़ लेता। पाँचवीं गलती — शादी के बाद की ज़िंदगी को भूल जाना। शादी एक दिन है। ज़िंदगी बाकी है। मैं अब 5 साल तक EMI भरूँगा। बहन की शादी के बाद उसकी ज़िंदगी तो सेट हो गई, मेरी ज़िंदगी असेट हो गई। इसका मतलब ये नहीं कि शादी मत करो। इसका मतलब है — बजट बनाओ, सीमा तय करो, और उस सीमा से ज़्यादा मत जाओ। समाज क्या कहेगा — ये सोचना बंद करो। बैंक से कर्ज़ तुम्हें देना है, समाज को नहीं।

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