वर्कर्स कंपनसेशन कैलकुलेटर: अपना मुआवजा खुद गणना करें

कार्यस्थल पर चोट का मुआवजा आसानी से जानें, अपना हक़ पाएं

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462 words
19/3/2026
मुंबई की एक फैक्ट्री में काम करने वाले राजेश (35) की सालाना सैलरी ₹12 लाख थी। एक दिन मशीन की वजह से उनकी उंगली कट गई। वे घबरा गए - ₹80 लाख का होम लोन, बच्चों की पढ़ाई, और अब यह दुर्घटना। कंपनी ने महज ₹50,000 देने की बात कही। लेकिन क्या यह सही है? वर्कर्स कंपनसेशन कैलकुलेटर से पता चला कि वे ₹8-10 लाख तक के हकदार हैं। यह कैलकुलेटर भारत के कर्मचारी मुआवजा अधिनियम, 1923 के आधार पर सही राशि बताता है।

How to Use

बस तीन आसान स्टेप्स: पहले अपनी मासिक सैलरी डालें, फिर चोट का प्रकार चुनें (अस्थायी या स्थायी विकलांगता), और आयु भरें। कैलकुलेटर तुरंत बता देगा कि आपको कितना मुआवजा मिलना चाहिए। आंशिक या पूर्ण विकलांगता दोनों के लिए अलग-अलग गणना उपलब्ध है।

Pro Tips

**दस्तावेज़ संभाल कर रखें:** मेडिकल बिल, FIR कॉपी, डॉक्टर की रिपोर्ट सब फोल्डर में रखें। **पीएफ और ईएसआई चेक करें:** अगर आपकी सैलरी ₹21,000/माह से कम है, तो आप ESIC के तहत भी कवर हैं। **वकील से सलाह लें:** बड़े मामलों में श्रम विभाग या अनुभवी वकील से बात करें। PPF और NPS जैसी पेंशन स्कीम से फाइनेंशियल सिक्योरिटी बनाए रखें। **समय सीमा याद रखें:** दुर्घटना की तारीख से 2 साल के अंदर दावा दायर करें।

Common Mistakes to Avoid

**समय पर रिपोर्ट न करना:** भारत में कई मज़दूर डर के कारण दुर्घटना की रिपोर्ट नहीं करते। 24-48 घंटे के अंदर लिखित शिकायत जरूरी है। **सही सैलरी न बताना:** कई बार कर्मचारी केवल बेसिक सैलरी बताते हैं, लेकिन ओवरटाइम, बोनस और भत्ते भी जोड़ने चाहिए। अगर आपकी सैलरी ₹1 लाख/माह है और ₹20,000 बोनस मिलता है, तो कुल ₹1.2 लाख गिनें। **बीमा कंपनी की बात मान लेना:** बिना अपनी गणना किए किसी भी समझौते पर हामी न भरें।

Frequently Asked Questions

मेरी सैलरी ₹50,000/माह है और हाथ टूट गया। कितना मुआवजा मिलेगा?

अस्थायी विकलांगता के लिए आपको हर महीने आपकी सैलरी का 25% यानी ₹12,500 तक मिल सकता है जब तक आप काम पर वापस न आएं। अगर स्थायी आंशिक विकलांगता है, तो ₹2-5 लाख तक एकमुश्त मिल सकता है, चोट की गंभीरता पर निर्भर करता है।

क्या ऑफिस के काम से बाहर घायल होने पर भी मुआवजा मिलता है?

जी हां, अगर आप ऑफिस के काम से बाहर गए थे (जैसे डिलीवरी, बैंक का काम, या क्लाइंट मीटिंग), तो आप मुआवजे के हकदार हैं। उदाहरण: ₹80 लाख का प्रॉपर्टी डील करने बाहर जाते समय एक्सीडेंट होने पर भी कंपनी जिम्मेदार है।

मौत की स्थिति में परिवार को कितना मिलता है?

मृत्यु की स्थिति में परिवार को मृतक की सैलरी का 50% हर माह पेंशन के रूप में मिलता है, साथ ही एकमुश्त ₹1-8 लाख तक। अगर मृतक ₹12 लाख/वर्ष कमाते थे, तो परिवार को ₹50,000/माह पेंशन और ₹5-8 लाख एकमुश्त मिल सकता है।

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